मजदूरों का कम वेतन और ओवरटाइम के लिया विरोध प्रदर्शन नॉएडा एंड फरीदाबाद में
नॉएडा सेक्टर ५७ ६२ ६३ एंड ६४ की एक्सपर्ट कंपनीयो में करना वाले २७ ईयर महिला कर्मचारी, जिनकी वेतन १० , २७५ रुपए पर मंथ है, उसने कहा कि उसे २ साल से सैलरी नहीं बढ़ी है |
नॉएडा एंड फरीदाबाद में विरोध करते फैक्ट्री मजदूर
नॉएडा – औधोगिक इलाको में कर्मचारी ज्यादा सैलरी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन फिछले दो दिन से कर रहे है | मजदूर फैक्टरियों में लोहे की रॉड, क्रिकेट बैड, रोड़े, पथर और डंडे लेकर पहुंचे | मंगलवार सुबह सेंकडो मजदूर सेक्टर ५७ नॉएडा में रेडिकल माइंडस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड, मारुती सुजुकी, सिग्निफिई की फ़ैक्टरिया में घुस गए और तोरफोड़ की , वहां पुलिस की गाड़ी में और एक कर में आग लगा दी और अन्य कई गाड़ियों को भारी नुक्सान हुआ है जिस कारण से नॉएडा के कई इलाको में भारी जाम की स्थिति बनी हुई है |
पिछले दो दिनों से चल रहे इस विरोध में सोमवार एंड मंगलवार को हजारो मजदूर फैक्टरियों में घूस गए और तोड़फोड़ की गई उन्होंने वहां काम करने वाले मजदूरों से भी प्रदर्शन में जुटने के अपील की | सेक्टर ५७ की एक एक्सपोर्ट कंपनी के काम करने वाले जिसका नाम दीपक कुमार है हाथ में डंडा लेकर कहा – हमारी मांग पूरी करो, नहीं तो हम सब कुछ तबाह कर देंगे |
जब हरियाणा सरकार ने पिछले सप्ताह मानेसर में पुलिस और मजदूरों के बीच टकराव के पश्चात उस समय के मामला है, सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन में 35 प्रतिशत बढ़ोतरी कर दी |
पहले हरियाणा में अर्ध कुशल, अकुशल और कुशल मजदूरों को रुपए ११ , ००० से रुपए १३ , ००० के बीच वेतन मिलता था ३५ प्रतिशत बढ़ोतरी के पश्चात अब उनकी सैलरी १५ , ००० रुपए से १७ , ००० कस बीच हो गई है, जबकि यू पी में मजदूरों की मौजूदा सैलरी अभी भी ११ , ००० से १३ , ००० रुपए के बीच में है |
उस जगह पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमे रैपिड फाॅर्स के जवान भी शामिल थे सेक्टर में प्रदर्शनकारियो ने पुलिस के पहुँचने से पहले अनेक फैक्टरियों में तोड़ फोड़ की है मोके में मौजूद एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता स्थिति पर नियन्तण लाना है | अधिकारी न कहा , हम सीसीटीवी फुटेज की जाँच करेंगे और तोड़फोड़ में शामिल मजदूरों /लोगों के खिलाफ कार्यवही करेंगे |
रेडिकल साइंस तेहनोलॉजिफैक्ट्री में प्रदर्शनकारियो ने बिल्डिंग की खिडकियो को तोडा है कंपनी के वर्कर कौशल कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारी मॉर्निंग में आई और सभी से बाहर निकलने को कहा गया | कर्मचारियों ने फैक्ट्री के बहार कहा उनके हाथ में डंडे और रॉड थी उन्होंने बिल्डिंग को नुक्सान पहुँचाया |
कम सैलरी , लम्बे काम के घंटे
मोहिनी पॉल ने बताया वह पिछले दो साल से ५७ सेक्टर की एक एक्सपोर्ट फैक्ट्री में काम कर रही है, परन्तु उसकी सैलरी नहीं बढ़ी है उसने कहा
27 साल की मोहिनी पाल ने बताया कि वह पिछले दो साल से सेक्टर 57 की एक एक्सपोर्ट कंपनी में काम कर रही हैं, लेकिन उनकी सैलरी नहीं बढ़ी है, उसने कहा मैं महीने में १० हज़ार रुपए कमा रही हूँ फैक्ट्री मालिक हम सब का शोषण कर रहे है, हम ओवरटाइम भी करते है, परन्तु उसका पैसा नहीं दिया जाता है | पॉल ने यह भी बताया मालिक वाशरूम जाने के लिए ब्रेक लेने पर हमे ताने देता है | उसने कहा कई वर्षो से बढ़ रही नाराजगी अब इन विरोध प्रदर्शनो में चेंज हो गई है, हमारा कहने का तात्पर्य यह है कि फैक्टरी मालिकों को हमारी सैलरी बढ़ानी चाहिए |
उनकी कहने का मतलब यह भी है फे यदि ऑफ़ एक दिन की छोटी लेते है तो उनका वेतन भी काट लिया जाता है | संडे को नोएडा की डीएम मेधा रूपम ने राज्य के प्रमुख सचिव (श्रम) और श्रम आयुक्त के साथ बैठक की थी|